Basic of Astrology
ASTROLOGYSHOW IN HOMEPAGEBLOGS


ज्योतिष विज्ञान बहुत ही रहस्यमयी ज्ञान है।
प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के बारे में जानने की जिज्ञासा हमेशा से रही है तभी हमारे पूर्वजों ने बहुत खोज करके ये ज्ञान हम तक पहुंचाया है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 170 विधाएँ है। सबसे ज्यादा प्रचार वैदिक ज्योतिष का हुआ है। इसमें से ज्योतिष शास्त्र की सब विधाओं की जननी वैदिक ज्योतिष ही है। यहाँ हम भृगु नंदी नाड़ी को समझेंगे।
हमारा पूरा ब्रह्मांड हमारी ज्योतिष में समाया हुआ है। हमारे ऋषि मुनियों ने पूरे ब्रह्मांड को ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों (Zodiac Sign) भागों में बांटा है। ब्रह्मांड को वृत्त आकार के रूप में लेते है तो वृत्त 360 डिग्री का होता है तो 12 भागों में बाँटने पर एक हिस्सा 30 डिग्री का होता है। इसी के अनुसार हमारी 12 राशियाँ है और प्रत्येक राशि को 30 डिग्री का माना जाता है।
जब भी किसी व्यक्ति का जन्म होता है उस समय पर क्षितिज (अंतरिक्ष) में जो पहली राशि उदित होती है वो राशि ही आपका लग्न कहलाती है।
काल पुरुष की कुंडली के अनुसार(Birth Chart) में 12 घर (house) या 12 भाव होते है। जन्म कुंडली में 12 राशियाँ होती हैऔर 9ग् ग्रह होते हैं। काल पुरुष की कुंडली के अनुसार पहली राशि हमेशा पहले भाव में मेष (Aries) ही मानी जाती है। जन्म कुंडली में भाव हमेशा स्थिर भाव होते है, जन्म कुंडली के भाव में राशियाँ (Zodiac Sign) बदल जाती है। जैसे कि किसी के पहले भाव में 6 अंक लिखा होगा तो लग्न कन्या राशि का माना जाएगा। जन्म कुंडली के घर हमेशा एक जैसे ही रहेंगे और उन घरों की राशियाँ बदलती रहती है।
हमारे ज्योतिष के अनुसार जब हम जन्म कुंडली बना कर उसमे ग्रह लिखते है तब क्योंकि कुंडली में घर 12 है तो जब हम ग्रह लिखते है तब अगर 1-1 ग्रह एक भाव में आए तब भी कुंडली के तीन घर खाली रह जाएँगे। मगर तब भी उन घरों में कोई ना कोई राशि जरूर आएगी । राशि और ग्रह को इस प्रकार से विभाजित करके देखा जाता है। जन्म कुंडली (Birth Chart) के जिस भाव (House) में कोई ग्रह नहीं होता उसकी सही भविष्यवाणी के लिए कभी कभी रशियों का भी उपयोग किया जाता है।
हम बिल्कुल आसान तरीके से जन्म कुंडली (Birth Chart) के बारे में समझेंगे।
काल पुरुष की कुंडली में जो भी घर है उनकी जमीन का मालिक या स्वामी एक व्यक्ति है मगर जिसने उस जमीन पर मकान बनाया वो दूसरा व्यक्ति है। उन घरों में भी अलग अलग लोग आते रहते है जो कि अलग अलग ग्रह और राशि है।अभी हम भृगु नंदी नाड़ी के सूत्र और नियम पढ़ेंगे। काल पुरुष को कुंडली के अनुसार 12 भाव या घर (House) और उसके मालिक ग्रह या स्वामी (Lord) इस प्रकार हैं:-
काल पुरुष की जन्म कुंडली के भाव या घर (Birth Chart Houses), राशि (Zodiac sign) और मालिक ग्रह (Planet Lord) के बारे में जानते हैं
पहला भाव का मालिक मंगल (Mars) है।
दूसरा भाव का मालिक शुक्र (Venus) है।
तीसरे भाव का मालिक बुध (Mercury) है।
चौथी भाव का मालिक चंद्र (Moon) है।
पाँचवे भाव का मालिक सूर्य (Sun) है।
छठे भाव का मालिक बुध (Mercury) है।
सातवें भाव का मालिक शुक्र (Venus) है।
आठवें भाव का मालिक मंगल (Mars) है।
नौवें भाव का मालिक बृहस्पति गुरु (Jupiter) है।
दसवें भाव का मालिक शनि (Saturn) है।
ग्याहरवें भाव का मालिक शनि (Saturn) है।
बाहरवें भाव का मालिक बृहस्पति (Jupiter) है।
काल पुरुष की कुंडली के अनुसार भाव या घर (House) स्थिर है और ग्रह चलित है। जन्म कुंडली में जिस भाव में कोई ग्रह बैठा होगा वही पर उसी ग्रह और भाव (घर या हाउस) के अनुसार भविष्यवाणी (Prediction) की जाएगी।
जन्म कुंडली में राशियाँ 12 है और जन्म कुंडली में घर (House) भी 12 ही है मगर ग्रह 9 ही है,जिसमें से मुख्य ग्रह जिनके नाम सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि है। इसके साथ 2 ग्रह राहु केतु भी माने जाते है, यह दोनों छाया ग्रह है। राहु केतु के बारे में विस्तार से आगे पढ़ेंगे।
इस प्रकार सूर्य और चन्द्र को एक-एक ही राशि दी गई है और बाकी पाँच ग्रहों को दो-दो राशियाँ दी गई है और राहु-केतु को कोई भी राशि नहीं दी गई है। मगर कई ज्योतिषाचार्य कुछ राशियों से राहु केतु को देखते है। काल पुरुष की कुंडली के अनुसार हमेशा के लिये पहली राशि मेष ही पहले भाव (House) में आएगी। दूसरी राशि वृष दूसरे भाव में ही मानी जाएगी और इसी प्रकार से क्रमशः सारी राशियाँ देखेंगे। हमें सभी राशियाँ और उनके अंक भी याद होने चाहिए और सभी राशियों के मालिक ग्रह भी याद होने जरूरी है। अब हम सभी 12 राशियों और उनके स्वामी ग्रह के बारे में पढ़ेंगे:-
राशि राशि स्वामी ग्रह (Lord)
1. मेष (Aries) मंगल (Mars)
2. वृष (Taurus) शुक्र (Venus) 3. मिथुन (Gemini) बुध (Mercury)
4. कर्क (Cancer) चंद्र (Moon)
5. सिंह (Leo) सूर्य (Sun)
6. कन्या (Virgo) बुध (Mercury)
7. तुला (Libra) शुक्र (Venus)
8. वृश्चिक (Scorpio) मंगल (Mars)
9. धनु (Sagittarius) बृहस्पति (Jupiter)
10.मकर (Capricorn) शनि (Saturn)
11. कुंभ (Aquarius) शनि (Saturn)
12.मीन (Pisces) बृहस्पति (Jupiter)
काल पुरुष की जन्म कुंडली के 12 भाव (House) और ग्रह (zodiac Lord or planets) उनके कारक तत्व (Significant) हम आगे समझेंगे।

