भाव या घर (House) के कारक तत्व (Significant)

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5/4/20261 min read

ज्योतिष शास्त्र में जन्म कुंडली (Birth Chart) में 12 होते है। जन्म कुंडली में 12 राशियाँ और 9 ग्रह होते है। जन्म कुंडली (Birth Chart) को भाव (House), ग्रहों (Planets), और राशि (Zodiac Sign) के अनुसार ही देखा जाता है। हम जब भाव और उसमें बैठा हुए ग्रह और राशि के बारे में अध्ययन करते है तब ही हमें किसी के बारे में जानकारी मिलती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली में लग्न सूर्य से और राशि चंद्रमा से देखी जाती है। भाव स्थिर होते हैं और राशियाँ बदलती रहती हैं। यहाँ कौन सा भाव या घर (House) हमें व्यक्ति विशेष के बारे में क्या बताता है, हम इसके बारे में जानते हैं।

जन्म कुंडली (Birth Chart) में पहले भाव (First House) में जो भी अंक (Number) लिखा होता है वो ही आपका लग्न (Ascendant) का होता है।

पहला भाव (First house) स्वयं (Myself) का होता हैं। ये भाव आपको बताएगा कि ये भाव हमसे कैसे जुड़ा हुआ हैं। ये आपकी जन्म कुंडली का सबसे महत्वपूर्ण भाव होता है। यहाँ पर हमारा जन्म होता है। ये जिस भी व्यक्ति की कुंडली के बारे में बताता है कि वो आप कैसे दिखते है? आपका स्वभाव, सोचने समझने का तरीका, आपकी हिम्मत, साहस, आत्मविश्वास को बताता है। सिर और दिमाग भी यहाँ से देख सकते है।

दूसरा घर हमारे परिवार का है।जन्म के साथ ही हमें परिवार मिलता है। ये आपकी वाणी, बोल-चाल, संचित धन, सम्पत्ति (wealth) का, बोलने की कला का है। हमारी खाने की आदत भी पता चलती है। आपके दाँत (Teeth) और गले (Neck) का भी है। हमारी जिस भी चीज़ को इकठ्ठा करते है चाहे वह कोई विचारों का, ज्ञान या कोई भी वस्तु हो सकती हैं। ये crystal (क्रिस्टल), कीमती पत्थर (Precious Stone) या और किसी भी प्रकार की वस्तुओं को जैसे किसी को ज्ञान की किताबे, पुराने नोट या किसी अन्य प्रकार की वस्तु को इक्कठा करने का आदत या पसंद भी है।

तीसरा भाव व्यक्ति के छोटे भाई-बहनों का भी है। हमारे पराक्रम का है। हमारे हाथों, कंधे बाजुओं का है। लिखने (Writing) का है। हाथों से खेले जाने खेल, काम, सर्दी-बुखार जैसी छोटी बीमारियां, छोटी यात्रा, संवाद क्षमता (Communication) का भी है। इंटरनेट (Internet), पत्रकारिता, अख़बार (Newspaper), फेसबुक (Facebook), आदान-प्रदान (Correspondence), एजेंसी (Agency), कोई भी तरह के कमीशन एजेंट (Commission Agent ), जर्नलिस्ट (Journalist), इंश्योरेंस एजेंट (Insurance Agent), (समझौता कराने वाला बिचौलिया (Middle Man) भी तीसरे भाव से पहचाना जाता है। यहाँ से प्राथमिक शिक्षा (Primary Education) भी देखी जाती है।

चौथा भाव (Fourth House) हमारे सारे सुख का हमारी माता का घर है। इसलिए हमें अपनी माँ के घर में आराम मिलता है। हमारी संयुक्त परिवार (Joint Family), हमारे कुटुंब का भी है। हमारा घर, गाड़ी और जो भी भौतिक सुख के साधन है। जो भी कृत्रिम वस्तुए, आर्टिफिशियल आइटम (Artificial Items creation ) का भी है। जो भी फैक्टरी (Factory) में वस्तुएँ बनाई जाती है, वह भी चौथे भाव से ही पता चलता है।चतुर्थ भाव से पाँचवी से दसवीं कक्षा (5th class to 10th Class) तक की पढ़ाई देखी जाती है। हमारे हृदय (Heart) और छाती (Chest) का है।

पाँचवा भाव (Fifth House) सबसे अधिक जरूरी भाव होता है। पाँचवा भाव प्रथम भाव और नवम भाव से मिल कर धर्म भाव का त्रिकोण (Triangle) बनाता है। इसलिए यह बोला जाता है कि धर्म त्रिकोण में बैठे हुए ग्रह बुरे फल नहीं देते। इस भाव से उच्च शिक्षा का भी पता चलता है। पांचवा भाव सबसे ज्यादा व्यक्ति के लिए उपचार (Healing) करने का है।क्योंकि अगर कोई बीमारी या परेशानी आए तो उसे ठीक करने का उपाय यही होता है।ये मौज-मस्ती, मनोरंजन (Entertainment), नृत्य (Dance), एक्टिंग (Acting), कलात्मक रुचि (Artistic hobbies), चित्रकला (Painting), संगीत (Music), गाना (singing), खेल खेलना (Play Games) का भाव है। हमारे हृदय (Heart) और फेफड़े (Lungs) से पेट (Stomach) तक को भी यही से देखा जाता है। आपकी सन्तान (Kids) को भी यही से देखा जाता है।

छठा भाव (Sixth House) रोग, ऋण और शत्रु का भाव है। हमारी ऐसी बीमारियों का है जो इलाज करवा कर जल्दी ठीक भी हो जाती है। ऋण (Loan) लेना या देना और शत्रु (Enemy) का कहा जाता है। ये आपकी माँ के छोटे भाई-बहन और आपके मामा-मासी का होता है। किसी भी प्रतियोगिता (Competition), नौकरी (Job) या व्यापार (Business) का भी है। आपके घर में आने वाले नौकर या सेवक (Helpers) कोई भी काम करने वाले आपके सहयोगी का भी है। आपकी यहाँ से आँत के हिस्से को मानते है। नाभि से नीचे के हिस्से भी यहाँ से देखें।

सातवां भाव (Seventh House) आपकी जन्म कुंडली में पत्नी के लिए पति और पति के लिए पत्नी का भाव होता है। ये आपके रिश्ते आपकी सारी जिंदगी आपका साथ भी देते है। ये शत्रु का भी घर है जो बिज़नेस में या चुनाव में, कोर्ट में या किसी प्रतियोगिता, जो स्कूल या कॉलेज में या किसी भी जगह में जो भी आपके सामने मुक़ाबले के लिए खड़ा हो। ये आपके विरोधी का भी है। यह भाव आपके व्यापार (Business) का और व्यापार में हिस्सेदार (Business Partner) का भी होता है। कमर के नीचे हिस्से को सातवें भाव से भी देखा जाता है।

आठवाँ भाव (Eighth House) आपके ससुराल को बताया जाता है। इंश्योरेंस (Insurance) का पैसा, दहेज, जमीन के अंदर छुपी हुई वस्तुए जैसे पेट्रोल, कीमती पत्थर, विभिन्न प्रकार की धातुएँ (Metal) आदि सब को आठवें भाव से ही देखा जाता है। वकील, कानून, कानून की पढ़ाई मुक़द्दमा और कोर्ट आना-जाना भी यहाँ से देखा जाता है। गुप्त विद्याओं का ज्ञान (Occult) का भी है। अनुसंधान (Research), वास्तु ज्ञान, ज्योतिष विज्ञान और अंक ज्योतिष सभी का ज्ञान यहीं से प्राप्त होता है। यहाँ से ही व्यक्ति को आध्यात्मिक ज्ञान (Spiritual Knowledge) भी मिलती है। यह लंबी उम्र और लंबी अवधि तक चलने वाली बीमारी, मृत्यु तुल्य कष्ट को भी यही से देखा जाता है।

नौवाँ भाव (Ninth House) हमारे धर्म-कर्म का भाग्य का, पिता का, हमारे घर का ब्रह्म स्थान का भी होता है।यह हमारी पूजा-पाठ का स्थान है। इसको हमारी किस्मत का घर भी कहा जाता है।यह हमारे मंदिर का, धर्म स्थान का भाव भी है।इस भाव से ही पितृ दोष देखा जाता है। वीजा लगेगा या नहीं ये भी नवम भाव से ही देखा जाता है क्योंकि ये भाव लंबी यात्रा का भी होता है। शरीर में हमारी टांगे के घुटने के ऊपर का भाग है।

दसवाँ भाव (Tenth House) आपका नाम और प्रसिद्धि (Name-fame) का है। यह कर्म का स्थान है। यहाँ पर हम कार्य से आप समझ सकते है कि आप को क्या काम करना चाहिए। आप किस क्षेत्र में काम करेंगे? आपकी आमदनी की शुरुआत कब से होगी? आपके काम करने की जगह ऑफिस (Office), दुकान (Shop) या कारखाना (Factory) को दसवें भाव से देखा जाएगा। गृहिणी खाना बनाती है तो उसका कर्म स्थान रसोई (Kitchen) है।

ग्याहरवाँ भाव (Eleventh House) हमारी इच्छाओं की पूर्ति का है।इस भाव को पश्चिम दिशा से भी देखा जाता है। यह स्थान आपके बड़े भाई और दोस्त-मित्रों का है। क्योंकि उनके साथ आप सब बातें कर सकते हों जिन्हें कभी-कभी आप अपनों से भी ज्यादा चाहते हो और वो भी हमेशा आप का साथ देते हैं। ये किसी के साथ समझौते (Agreement) का भी है। घुटने से पैर तक के हिस्से यही से देखे जाते है।

बाहरवाँ भाव (Twelfth House) को अनजान जगह या विदेश से देखा जाता है। इसे मोक्ष का भाव भी कहा है। मोक्ष का अर्थ यह नहीं होता कि आप को सिर्फ मृत्यु के बाद ही मोक्ष प्राप्त होता है बल्कि जब भी आप कुछ पाना चाहते हो और आप को मिल जाता है तो आप बहुत अच्छा अनुभव करते हो और सोचते हो कि अब आपकी सब इच्छायें पूर्ण हो गई हैं तो यह भी मोक्ष प्राप्ति का ही अनुभव है। यहाँ से अस्पताल (Hospital)

जाना भी देखा जाता है वहाँ जाकर हमारा इलाज होता है और हम स्वस्थ होते है।यह भाव हमारी बीमारी को ठीक करने का भी है। पैर हमारे बाहरवें भाव से देखे जाते है।

आपको यह जानकारी कैसी लगी कृपया हमें बताइए। इसी जानकारी को आगे और विस्तार से पढ़ेंगे। तब आपके लिए अगले ब्लॉग में ग्रह और राशियों के कारक तत्व जानेंगे।

धन्यवाद। 🙏🏼

आगे हम राशियों के बारे में भी पढ़ेंगे।