ज्योतिष शास्त्र ज्ञान आधार Basic of Astrology
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ज्योतिष विज्ञान बहुत ही रहस्यमयी ज्ञान है।
प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के बारे में जानने की जिज्ञासा हमेशा से रही है तभी हमारे पूर्वजों ने बहुत खोज करके ये ज्ञान हम तक पहुंचाया है।
हमारा पूरा ब्रह्मांड हमारी ज्योतिष में समाया हुआ है। हमारे ऋषि मुनियों ने पूरे ब्रह्मांड को ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों (Zodiac Sign) भागों में बांटा है। ब्रह्मांड को वृत्त आकार के रूप में लेते है तो वृत्त 360 डिग्री का होता है तो 12 भागों में बाँटने पर एक हिस्सा 30 डिग्री का होता है। इसी के अनुसार हमारी 12 राशियाँ है और प्रत्येक राशि को 30 डिग्री का माना जाता है।
जब भी किसी व्यक्ति का जन्म होता है उस समय पर क्षितिज (अंतरिक्ष) में जो पहली राशि उदित होती है वो राशि ही आपका लग्न कहलाती है।
काल पुरुष की कुंडली के अनुसार(Birth Chart) में 12 घर (house) या 12 भाव होते है। जन्म कुंडली में 12 राशियाँ होती है। काल पुरुष की कुंडली के अनुसार पहली राशि हमेशा पहले भाव में मेष (Aries) ही मानी जाती है। जन्म कुंडली में भाव हमेशा स्थिर भाव होते है, जन्म कुंडली के भाव में राशियाँ (Zodiac Sign) बदल जाती है। जैसे कि किसी के पहले भाव में 6 अंक लिखा होगा तो लग्न कन्या राशि का माना जाएगा। जन्म कुंडली के घर हमेशा एक जैसे ही रहेंगे और उन घरों की राशियाँ बदलती रहती है। मगर अभी हम भृगु नंदी नाड़ी के अनुसार ज्योतिष का अध्ययन कर रहे है तो यहाँ घर और उन घरों में जो भी ग्रह बैठे है उन के बारे में हम पढ़ेंगे।
हमारे ज्योतिष में जन्म कुंडली को 12 घर, 12 राशियाँ और 9 ग्रह से देखा गया है। जब हम कुंडली बना कर उसमे ग्रह लिखते है तब क्योंकि कुंडली में घर 12 है तो जब हम ग्रह लिखते है तब अगर 1-1 ग्रह एक भाव में आए तब भी कुंडली के तीन घर खाली रह जाएँगे। मगर तब भी उन घरों में कोई ना कोई राशि जरूर आएगी । राशि और ग्रह को इस प्रकार से विभाजित करके देखा जाता है। मगर भृगु नंदी नाड़ी में रशियों की बात नहीं की जाती।
काल पुरुष की कुंडली के अनुसार 12 भाव या घर (House) और उनके मालिक (Lord) इस प्रकार है :-
काल पुरुष की कुंडली में जो भी घर है उनकी जमीन का मालिक या स्वामी एक व्यक्ति है मगर जिसने उस जमीन पर मकान बनाया वो दूसरा व्यक्ति है। उन घरों में भी अलग अलग लोग आते रहते है जो कि अलग अलग ग्रह और राशि है।अभी हम भृगु नंदी नाड़ी के सूत्र और नियम पढ़ेंगे। भृगु नंदी नाड़ी में राशियों के बारे में बात नहीं की जाती मगर घरों में कौन सा ग्रह है इसके अनुसार ही भविष्यवाणी (predictions) की जाती है।
काल पुरुष की कुंडली पहला भाव या घर (House) का मालिक मंगल है।
दूसरा भाव का मालिक शुक्र (Venus) है।
तीसरे भाव का मालिक बुध (Mercury) है।
चौथी भाव का मालिक चंद्र (Moon) है।
पाँचवे भाव का मालिक सूर्य (Sun) है।
छठे भाव का मालिक बुध (Mercury) है।
सातवें भाव का मालिक शुक्र (Venus) है।
आठवें भाव का मालिक मंगल (Mars) है।
नौवें भाव का मालिक बृहस्पति गुरु (Jupiter) है।
दसवें भाव का मालिक शनि (Saturn) है।
ग्याहरवें भाव का मालिक शनि (Saturn) है।
बाहरवें भाव का मालिक बृहस्पति (Jupiter) है।
हमें राशि और उनके नंबर भी पता होना चाहिए।
और जो उनके स्वामी है वो भी याद होने चाहिए।
कुंडली में जो बारह भाव होते है उन्हें कुंडली के 12 घर (house) भी कहा जाता है।
प्रत्येक घर में एक राशि स्थापित है।
काल पुरुष की कुंडली के अनुसार भाव या घर (House) स्थिर है और ग्रह चलित है। जन्म कुंडली में जिस भाव में कोई ग्रह बैठा होगा वही पर उसी ग्रह और भाव (घर या हाउस) के अनुसार भविष्यवाणी (Prediction) की जाएगी।
काल पुरुष की कुंडली के अनुसार (Birth Chart) में 12 घर (house) या 12 भाव होते है। जन्म कुंडली में 12 राशियाँ होती है। जन्म कुंडली में भाव हमेशा स्थिर भाव होते है।
राशियाँ 12 है और जन्म कुंडली में घर भी 12 ही है मगर ग्रह 9 ही है,जिसमें से मुख्य ग्रह जिनके नाम सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि है। इसके साथ 2 ग्रह राहु केतु भी माने जाते है, यह दोनों छाया ग्रह है। राहु केतु के बारे में विस्तार से आगे पढ़ेंगे।
इस प्रकार सूर्य और चन्द्र को एक-एक ही राशि दी गई है और बाकी पाँच ग्रहों को दो-दो राशियाँ दी गई है और राहु-केतु को कोई भी राशि नहीं दी गई है। मगर कई ज्योतिषाचार्य कुछ राशियों से राहु केतु को देखते है। काल पुरुष की कुंडली के अनुसार हमेशा के लिये पहली राशि मेष ही पहले भाव (House) में आएगी। दूसरी राशि वृष दूसरे भाव में ही मानी जाएगी और इसी प्रकार से सारी राशियाँ देखेंगे। अब हम सभी 12 राशियों और उनके स्वामी ग्रह के बारे में पढ़ेंगे:-
राशि राशि स्वामी ग्रह (Lord)
1. मेष (Aries) मंगल (Mars)
2. वृष (Taurus) शुक्र (Venus) 3. मिथुन (Gemini) बुध (Mercury)
4. कर्क (Cancer) चंद्र (Moon)
5. सिंह (Leo) सूर्य (Sun)
6. कन्या (Virgo) बुध (Mercury)
7. तुला (Libra) शुक्र (Venus)
8. वृश्चिक (Scorpio) मंगल (Mars)
9. धनु (Sagittarius) बृहस्पति (Jupiter)
10.मकर (Capricorn) शनि (Saturn)
11. कुंभ (Aquarius) शनि (Saturn)
12.मीन (Pisces) बृहस्पति (Jupiter)
काल पुरुष की कुंडली के अनुसार 12 राशि और उन राशि के मालिक( Rashi Lord) जिसके अनुसार कोई भी राशि अपना प्रभाव दिखती है और उनके कारक तत्व (Significant) हम आगे समझेंगे।

